स्मार्टफोन से जुड़ा एक कमाल का फीचर है जिसका आप और हम बेहद कम इस्तेमाल करते हैं. अगर करते भी हैं तो ढंग से नहीं करते. अगर ढंग से करेंगे तो कैमरे से झमाझम फोटो की गारंटी हम से ले लीजिए. इतना पढ़कर आपको लगेगा हम कोई प्रीमियम मोबाइल के भयंकर मेगापिक्सल वाले महाभयंकर फीचर की बात करने वाले हैं. नहीं जनाब, हम तो HDR मोड की बात कर रहे. अब आप फिर कहोगे, ये क्या कोई अगड़म-बगड़म नाम लेकर आ गए. ये भी कोई महंगे फोन वाला फीचर होगा. नहीं भइयो, बजट फोन में भी ये फीचर होता है.
क्या होता है HDR मोड?
HDR मोड माने High Dynamic Range. भारी भरकम तकनीकी शब्दावली से बाहर निकलें तो कैमरे का वो फीचर जो किसी फ़ोटो की लाइट और डार्क रेंज को सेट करता है. और आसान भाषा में कहें तो किसी भी फ़ोटो के ब्राइट और डार्क एरिया में डिटेल लेकर आना. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंसान की आंख का HDR बहुत ज्यादा होता है. इसलिए हमें धूप और छाया में भी डिटेल्स देखने में दिक्कत नहीं होती.
अब कैमरे में इसके लिए कोई विशेष प्रबंध नहीं होता, माने की कोई लैंस वगैरा अलग से नहीं लगा होता. बल्कि इस मोड में कैमरा एक इमेज की तीन अलग-अलग तस्वीरें, वो भी अलग-अलग ब्राइटनेस लेवल पर, क्लिक करता है. और फिर सबसे बेस्ट इमेज को प्रोसेस करके आपके सामने रखता है.
ये तो हुई HDR पुराण. अब जानते हैं कि इसका इस्तेमाल कहां करना है. वैसे इसको इनेबल करने के लिए आपको कैमरा सेटिंग्स का रुख करना होगा.
# HDR का इस्तेमाल वहां करें जहां तगड़ी बैकलाइट आ रही हो.
# लैंडस्केप मोड में और कोई ऐसा व्यू जो सीनिक हो, जैसे पहाड़, झरने वगैरा, बड़े ग्राउन्ड में. सीनरी टाइप फोटो के लिए सबसे मुफीद मोड है ये.
# बहुत ज्यादा छाया पढ़ रही तो भी HDR मोड कमाल करता है.
इस मोड में फोटो जनरेट होने के बाद बहुत ज्यादा दिखने वाला व्हाइट कलर और बहुत गहरे रंग खुद से मैनेज हो जाते हैं. अब ये भी जान लीजिए कि इसका इस्तेमाल कहां नहीं करना है.
# हिलते-डुलते सीन में, भागते हुए सीन में या कहें जहां ऑब्जेक्ट मूव कर रहा है, वहां HDR मोड बंद रखें. फ़ोटो ब्लर हो जाएगा.
सूचना समाप्त. अब बढ़िया से फ़ोटो खिचक-खिचक करो और Lallantop को टैग करो. और हां, अगर स्मार्टफोन कैमरे के तमाम फीचर्स और मोड के बारे में डिटेल में जानना हो तो यहां क्लिक कर लीजिए.





























