#बैंकऑफ़बड़ौदा #राष्ट्रभाषासम्मान के तहत् लेखकों और अनुवादकों के सम्मान व पुरस्कार के लिए पांच सदस्यीय निर्णायक मंडली का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध लेखिका और अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता गीतांजलि श्री कर रही हैं । निर्णायक मंडल के अन्य चार सदस्यों में प्रसिद्ध साहित्यकार व साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता श्री अरुण कमल, शिक्षाविद् और आहार आलोचक श्री पुष्पेश पंत, प्रसिद्ध साहित्यकार और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता अनामिका और युवा कथाकार व अनुवादक श्री प्रभात रंजन शामिल हैं ।
मूल रूप से मराठी में रचित उपन्यास ‘नदीष्ट’ की प्रमुख पात्र नासिक की गोदावरी नदी है । श्री मनोज बोरगावकर नदी, पर्यावरण और मानवता के प्रति एक दायित्व महसूस करते है जिसकी झलक इनकी कृतियों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है । इस उपन्यास के अनुवादक डॉ. गोरख थोरात कहते हैं कि ‘नदीष्ट’ एक ऐसा उपन्यास है जो व्यक्ति को अपने अंदर झाँकने के लिए मजबूर कर सकता है और इसीलिए मैंने इस रचना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से इसका हिंदी अनुवाद किया है।

































