कोई भूमिका नहीं बनाते, कोई ओपनिंग नहीं. पहली लाइन में बता देते हैं कि हम आपको तीन ऐसे साइबर अपराधों के बारे में बताने वाले हैं जो बेहद ज़हीन किस्म के हैं. अंग्रेजी में कहें तो sophisticated टाइप के. जितने भी ठगी के तरीके आप जानते होंगे या जितने भी हमने अभी तक कवर किये होंगे, उनसे एकदम अलग. ऐसे तरीके, जो पिछले कुछ महीनों में सामने आए हैं. हमें लगा इनके बारे में आपको पता होना चाहिए ताकि आप सावधान रहें और ठगी से बच सकें.

मरी इंश्योरेंस पॉलिसी जिंदा करने का स्कैम
अचानक से आपके पास एक फोन आएगा. सामने से एलआईसी या किसी दूसरे इंश्योरेंस पॉलिसी एजेंट के तौर पर बात होगी. बात आपके काम की मसलन कोई ऐसी पॉलिसी जिसका आपने सिर्फ एक बार प्रीमियम भरा या फिर जिसका कई महीनों ने कोई प्रीमियम भरा ही नहीं. मतलब आपके लिए पॉलिसी खत्म के बराबर. अब दिया जाएगा लालच उस पॉलिसी को एक बार फिर से जिंदा करने का. कुछ रकम जमा करने की बात होगी और साथ में एक वादा भी. वादा ये कि जमा रकम को एक साल बाद निकाल सकते हैं. सब फ्रॉड है क्योंकि ऐसा कुछ होने वाला नहीं है. पॉलिसी से जुड़े किसी भी काम के लिए कोई भी इंश्योरेंस कंपनी पैसा नहीं मांगती. सारे काम ऑफिस से होते हैं वो भी आधिकारिक चैनल के जरिए. ऐसे केस में अधिकतर उन लोगों को टारगेट किया जाता है जिन्होंने पहला प्रीमियम तगड़ा भरा था. बच कर रहिए.

हम पापा के दोस्त बोल रहे हैं
कॉल आएगा और कहा जाएगा कि हम आपके पापा के दोस्त या मम्मी की सहेली बोल रहे हैं. उनका फोन नहीं लग रहा और हमें उनको पैसे ट्रांसफर करना है. यहां आपको कुछ करने का मौका नहीं दिया जाएगा मतलब जैसे मैं पता करता टाइप. आपसे कहा जाएगा कि आपके नंबर पर पैसा ट्रांसफर कर देते हैं. आप हामी भर दोगे. यहां एक बात ध्यान दीजिए. ये सब कॉल के दौरान होगा. आपके अकाउंट में पैसे भी आएंगे और उसका मैसेज भी. इस दरमियान सामने वाला आपके साथ लगातार बातचीत करेगा.

पैसा का मैसेज और उधर से सॉरी. सॉरी इस बात का कि हमने गलती से 2000 की जगह 10 हजार ट्रांसफर कर दिए. मैसेज में भी यही लिखा होगा. अब आपसे मनुहार करके या किसी और बहाने से ज्यादा पैसे वापस करने को कहा जाएगा. कई लोग इस फर्जीवाड़े में फंस चुके हैं और पैसा गवां चुके हैं. आपको जो मैसेज आया वो एडिट किया होता है. अब सब कुछ फोन कॉल के दौरान होता है तो ज्यादा मौका मिलता नहीं. बातों का झुनझुना बजाए जाओ और लूटे जाओ.

वैसे इस तरीके के स्कैम से बचने के लिए कुछ ऐप्स ने कॉल के दौरान ओटीपी आने पर चेतावनी देना स्टार्ट किया है. उदाहरण के लिए Truecaller और Paytm.

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