#बैंकऑफ़बड़ौदा #राष्ट्रभाषासम्मान के तहत् लेखकों और अनुवादकों के सम्मान व पुरस्कार के लिए पांच सदस्यीय निर्णायक मंडली का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध लेखिका और अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता गीतांजलि श्री कर रही हैं । निर्णायक मंडल के अन्य चार सदस्यों में प्रसिद्ध साहित्यकार व साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता श्री अरुण कमल, शिक्षाविद् और आहार आलोचक श्री पुष्पेश पंत, प्रसिद्ध साहित्यकार और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता अनामिका और युवा कथाकार व अनुवादक श्री प्रभात रंजन शामिल हैं ।
सुश्री पारमिता शतपथी द्वारा रचित ‘अभिप्रेत काल’ उपन्यास की कथावस्तु उन अचर्चित और अख्यात लोगों जिनके धूल बराबर जल-कण सदृश योगदान ने स्वतंत्रता संग्राम को शक्तिमत्त बनाया होगा, की अनालोचित कहानी को उजागर करती है । इस उपन्यास के हिंदी अनुवादक श्री अजय कुमार पटनायक के अनुसार अनुवाद की संस्कृति से भाषा और साहित्य दोनों को बढ़ावा मिलता है ।
































