महाराष्ट्र की राजनीति की धुरी बनी हुई है। राजद्रोह झेल रहीं नवनीत राणा और उनपर राजद्रोह लगाने वाली महा अघाड़ी की सरकार का संघर्ष अमरावती के सवाल पर टकरा रहा है। अमरावती शिवसेना का ऐसा गढ़ बन चुकी थी जिसे वो 1996 से लगातार जीत रही थी। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में नवनीत राणा ने उसे ध्वस्त कर दिया। शिवसेना अमरावती का किला वापस चाहती है और नवनीति अपनी जीत पर दूसरी बार मुहर लगवाना चाहती हैं। बस यही लड़ाई अमरावती से उठकर मुंबई और दिल्ली तक चली आई है।





































