#UPExitPoll2022 #UPElection #UPElectionResult #ABPNews
वाराणसी (Varanasi) के पहड़िया मंडी से ईवीएम (EVM) बाहर भेजे जाने को लेकर लगभग 10 घंटे तक बवाल चलता रहा. इसके बाद रात लगभग 1.30 बजे प्रशासन व समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं में सहमति बन सकी. जानकारी के अनुसार कई चरणों में चुनाव प्रेक्षक की उपस्थिति में चली बैठक में अंत में तय किया गया कि ईवीएम की जांच की जाए. वहीं अधिकारियों ने भरोसा दिया कि इसके बाद भी गड़बड़ी मिली तो चुनाव निरस्त किया जाएगा. इसके बाद गाड़ी से सभी 20 ईवीएम उतार कर अंदर ले जाई गईं और जांच करने पर पता चला कि उसमें बटन पर चुनाव निशान की जगह अल्फा, बीटा, गामा आदि प्रतीक चिन्ह मिले. जांच प्रक्रिया देर रात दो बजे तक चली और यह बात सामने निकलकर आई कि वो डेमो मशीनें थी, यानी उनका इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए हुआ था.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पूरा हो चुका है और कल नतीजे सामने आ जाएंगे. वहीं, इस बीच ईवीएम मशीन एक बार फिर चर्चा में आ गई है. समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने ईवीएम का मुद्धा उठाते हुए यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, “बीजेपी को जिताने के लिए प्रशासन वोटों की चोरी करने में जुटा है. ये लोकतंत्र का आखिरी चुनाव है इसके बाद लोगों को क्रांति करनी पड़ेगी.”

सोमवार को राज्य में वोटिंग खत्म होने के बाद एग्जिट पोल जारी किए गए जिसमें बीजेपी एक बार फिर सत्ता में आते दिख रही है. ऐसे में बीजेपी ने अखिलेश के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि, अपनी हार को देख अखिलेश यादव बौखला गए हैं जिस कारण वो ईवीएम पर तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे हैं.

लगातार उठे हैं ईवीएम पर सवाल

बीजेपी भले ही अखिलेश यादव के आरोपों का मजाक बना रही हो लेकिन ईवीएम पर सबसे पहले सवाल बीजेपी ने ही उठाया था. साल 2009 में जब बीजेपी के गठबंधन को सत्ता नहीं मिली तो पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने ईवीएम पर सवाल उठाये थे. बीजेपी ने उस दौरान ईवीएम के साथ की जानी वाली धोखाधड़ी को लेकर देशभर में अभियान भी चलाया था.

बीजेपी, कांग्रेस, आरजेडी समेत कई दलों ने उठाए हैं ईवीएम पर सवाल

बता दें, बीजेपी केवल अकेली पार्टी नहीं रही है जिसने ईवीएम पर सवाल उठाया हो. कांग्रेस से लेकर आरजेडी, बीएसपी, टीएमसी और अब एसपी पार्टी लगातार ईवीएम पर सवाल उठाते दिखी है. साल 2009 नें ओडिशा में बीजू जनता दल के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने ईवीएम पर सवाल उठाया था. कांग्रेस ने कहा था कि, प्रदेश में नवीन पटनायक की सरकार बनने के पीछे कोई और नहीं बल्कि ईवीएम मशीन है. वहीं, साल 2014 के असम लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सरकार बनायी थी जिसके बाद राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव समेत टीएमसी की चीफ ममता बनर्जी ने ईवीएम पर सवाल उठाया था.

दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी ने राज्य विधानसभा में ईवीएम है का ट्रायल भी पेश कर दिया था. अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम की जगह बैलट पेपर चुनाव कराने की कई बार मांग की है. वहीं, साल 2017 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद बीएसपी मुखिया मायावती ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. उन्होंने ये तक कह दिया था कि, बीएसपी को बीजेपी ने नहीं बल्कि ईवीएम मशीन ने हराया है.

चुनाव आयोग का जवाब

वहीं, ईवीएम पर लगातार उठे सवालों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि, अन्य देशों मे इस्तेमाल होने वाली ईवीएम मशीन से अपने देश की ईवीएम बिल्कुल अलग है. उन्होंने कहा, कि यहां ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता. 🔴Watch ABP News Live 24/7 https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here