#RussiaUkraineConflict #Worldwar3 #WWIII #Putin आइये जानते हैं इस विवाद से जुडे़ 10 बड़े घटनाक्रम
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दे दिया है. रूसी सेनाओं ने जंग के ऐलान के साथ ही यूक्रेन की राजधानी कीव समेत यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में मौजूद 11 शहरों पर हमला कर दिया है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने पश्चिमी देशों यूएन, नॉटो और अन्य को चेतावनी देते हुये कहा कि रूस का यूक्रेन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है. लेकिन अगर कोई बाहरी खतरा होता है तो उसका फौरन जवाब दिया जायेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि इस युद्ध में होने वाले नुकसान और मौतों के लिये सिर्फ और सिर्फ रूस जिम्मेदार होगा. उन्होंने कहा कि यूएस और उसके सहयोगी इसका उचित और निर्णायक तरीके से जवाब देंगे.
यूएन के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने रूस के राष्ट्रपति से अपील करते हुये कहा कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुये मेरी अपील है कि मानवता के लिय वह अपने सैनिकों को तुरंत वापस कर लें. यह विवाद तुरंत समाप्त होना चाहिये. शांति को एक मौका जरूर दें.
बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन पर रूस के हमले का अंदेशा जताया था. जेलेंस्की ने कहा था कि किसी भी वक्त रूस उनके देश पर हमला कर सकता है.
रूस और यूक्रेन के विवाद की संवेदनशील स्थिति को देखते हुये संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाई थी. इस बैठक में रूसी हमले का खतरा है क्योंकि पूर्वी यूक्रेन के अलगाववादियों ने रूस से सहायता मांगी है.
भारत ने यूएन में इस संकट पर प्रतिक्रिया देते हुये यूएन सुरक्षा परिषद में भारत के राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि हमें खेद के साथ यह कहना पड़ रहा है कि इस तनाव को दूर करने के लिए सभी संबंधित पक्षों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा उचित कदम समय रहते नहीं उठाये गये हैं जिस वजह से हम उस दिशा की ओर बढ़ गये हैं जिधर हमें नहीं बढ़ना था.
रूस यूक्रेन के बीच बात इस हद तक आगे बढ़ चुकी थी कि पिछले हफ्ते शनिवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में रूस ने अब तक की अपनी सबसे बड़ी न्यूक्लियर मिसाइल ड्रिल का अभ्यास शुरू कर दिया था.
मंगलवार को रूस की संसद ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी जिसमें पुतिन देश के बाहर भी सेना का इस्तेमाल कर सकते हैं.
सोमवार देर शाम रूस ने यूक्रेन के दो प्रांतों लुहांस्क-डोनेस्टक को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया था. इस बात का ऐलान राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने देश के संबोधन के दौरान किया. यूक्रेन पर UNSC की बैठक में रूस का कहना था कि हमारी तरफ से इस मसले के डिप्लोमैटिक हल के रास्ते खुले हैं. हालांकि, हमारा डोनबास इलाके में किसी तरह का खूनी संघर्ष करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन इस मामले में अमेरिका की लीडरशिप में पश्चिमी देशों की नेगेटिव रोल ने हमें मजबूर कर दिया है. 🔴Watch ABP News Live 24/7: https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc





























